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4 Oct 2012

                                           सन्डे का दिन 

हाल  में  ही  ब्रिटेन  में किये  गए  एक   सर्वे   से पता चला है  की   ...75 % लोग  सन्डे  में  कही  बाहर जाना पसंद  नहीं करते , और  घर  पर रह कर  आराम  करना  चाहते  है. इस  सर्वे  को  पढ़  कर  मुझे........ लगा  जैसे  इन्होने  मेरे   दिल की  बात कह  दी  हो .क्योकि  मैं  भी ऐसे ही  लोगो में  शामिल हूँ....जो  सन्डे   को घर  से बाहर  निकलना  नहीं  चाहते  और घर  पर  रह  कर relax करना  पसंद  करते है .... कुछ  पढना चाहते  है ... टी वी देखना   चाहते  हैं .. और   रात का खाना  भी   खुद  बनाने  के मूड  में  नहीं होते, बाहर जाकर  खाना चाहते है .... या ऑर्डर  पर ..... घर पर ही खाना  मग़ा  लेना  पसंद  करते  हैं.

 जैसे-जैसे saturday नज़दीक आता  जाता है , वैसे वैसे  excitement  भी  बढ़ने  लगता  है . . सन्डे  की  सुबह देर  तक  सोने  को मिलेगा .  और  अच्छी नींद  लेने के बाद  जब  आँख खुलेगी  तो इत्मीनान से न्यूज़ पेपर    पढेंगे ...... ऑफिस भागने की जल्दी नहीं होगी,  उस  वक़्त ये  अहसास  ही  दिल में  एक  गुदगुदी  सी  पैदा कर  देता है।  

आखिर  इंतज़ार  ख़त्म होता है  और  सन्डे  आ जाता  है  सुबह देर तक  मीठी  नींद  में  सोने के बाद  जब  आख़  खुलती  है  तो  पहला ख़याल  यही आता है .... आज तो  सन्डे  है ...... पूरा  दिन  खूब  relax  करेंगे ....  इस खुमार में   नाश्ता  ख़त्म करते- करते  कब दो पहर  हो जाती है  पता ही   नहीं चलता .घर  के  हल्के फुल्के काम निपटाते हुए..... धीरे- धीरे  आने वाले हफ्ते के  सारे काम याद  आने लगते है जिन्हें निपटाने की फ़िक्र  सताने लगती है और एक- एक  करके  सारे  काम निपटाते  हुए  पूरा दिन   कहां  निकल जाता है.... पता ही  नहीं चलता और  सन्डे  का  दिन   पूरे  हफ्ते  का  सबसे व्यस्त   दिन  बन जाता है।

शायद   आप  भी  मेरी बात से इत्तिफाक रखते होंगे .... क्यों  है ना !!! 

अरशिया  ज़ैदी